भज निम्बेसर महाराज निरंजन नीको

 

(भज निम्बेसर महाराज)

                      शिवजी के भजन                         

भज नीम्बेसर महाराज निरंजन नीको, निरंजन नीको,
म्हें धरूं हिरदे में, ध्यान सदा शिवजी को ।

इक रट रट रावण जाय सेवना कीनी, सेवना कीनी,
जब प्रसन्न भये महाराज लंका लिख दीनी ।।1।।
             भज नीम्बेसर महाराज.......................

एक कानों में कुण्डल जोत जगामग झलके, जगामग झलके,
ज्यारे मस्तक उपर भाल चन्द्रमा भलके ।।2।।
             भज नीम्बेसर महाराज.......................

इक  बागाम्बर की शॉल बिछावण बंकी, बिछावण बंकी,
पार्वतों ढोले वाव हाथ गल पंखी ।।3।।
             भज नीम्बेसर महाराज.......................

इक पड़ा भुजंगी नाग सर्प ज्युं काला , सरप ज्यूं काला,
ज्यांरे हिवड़े हडूके हार गले मुण्ड माला ।।4।।
             भज नीम्बेसर महाराज.......................

इस आक धतूरा हैं मुख वासा करके, वासा करके,
पार्वतों पावे भांग का प्याला भरके ।।5।।
             भज नीम्बेसर महाराज.......................

इक कांशी और कैलाश देख कर आया, देखकर आया ,
साण्डेराव में श्याम का दर्शन पाया ।।6।।
             भज नीम्बेसर महाराज.......................

इक लाडू पेड़ा और मिठाई मेवा, मिठाई मेवा,
ज्यांरी सबलसिंह राठौड़ करे नित सेवा ।।7।।
             भज नीम्बेसर महाराज.......................

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