जागो श्याम मनोहर माधव (प्रभाती भजन)

  

प्रभाती भजन


जागो श्याम मनोहर माधव भोम डसण रिपु टेर दियो ।

जागो श्याम मनोहर माधव..........................................



1. जल सुत मिंत सुता पति नातीए ता वाहन मिल केल कियो ।

हरि वाहन के रिप सुत बंधवए अम्बज सुत को दान दियो ।।

जागो श्याम मनोहर माधव..........................................

2. हेम सुता पति ता सुत वाहनए ता भख भखणी वचन कियो ।

सुरपति वाहन के रिप बन्धवए अपने घर को गमन कियो ।।

जागो श्याम मनोहर माधव..........................................

3. सायर सुता सुत शीतल भयहूंए चार तत्व ज्योति मन्द भयो ।

सम्पति के रिपु के रिप प्रकटेए रम्भा सुत को मेल भयो ।।

जागो श्याम मनोहर माधव ..........................................


4. उडगण वृन्द गये घर अपनेए दधि सुत को तप तेज गयो ।

सूर कहे व्याकुल भयी रजनीए काश्यप सुत प्रकाश भयो ।।

जागो श्याम मनोहर माधव ..........................................

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